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Teri yaad mein shayari in hindi 


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तेरे बिना जीना आसान होता याद शायरी 


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photo credit -pixaway.com



मेरा दिल तुझे भूला न पायेगा याद शायरी 


तू भले भूल जाना मुझे पर मेरा दिल तुझे भूला न पायेगा..
तू जब भी होगा किसी और की भाहों में एक दफा तो ख्याल मेरा जरूर आएगा...!!





किस्सा बना दिया उन लोगों ने भी मुझे..
जो कल तक मुझे अपना हिस्सा बताया करते थे...!!




 ख्वाब ही रह जाओगे याद शायरी 



तमाम कोशिशों के वाबजूद तुम ख्वाब हो..
ख्वाब थे और ख्वाब ही रह जाओगे...!!



भूलना जो चाहु तो याद आती हो याद शायरी 


पन्नों पर भी उतारू तो भी याद आती हो भूलना जो चाहु तो याद आती हो..
उलझनों में फस गई है ये ज़िंदगी किसी और को चाहु तो याद आती हो...!!




मुझे परखने में ज़िंदगी लगा दी शायरी 



मुझे परखने में पूरी ज़िंदगी लगा दी उसने..
काश कुछ वक़्त मुझे समझने में भी लगाया होता...!!








तेरे जाने से कुछ बदला तो नहीं..
रात भी आयी थी दिन भी आया था सिर्फ नींद नहीं आई...!!




पलट कर देखती जरूर है शायरी 


यु राह चलते चलते वो मुझे कभी कभी दोबारा मिल जाती है..
जो कभी नहीं पलटती थी वो अब एक बार पलट कर देखती जरूर है...!!







शराब गम भुला देती है किसने कहा..
अरे मैंने नशे में खुद को रोते हुए देखा...!!




याद करने की कोई वजह नहीं याद शायरी 



कुछ बिगाड़ नहीं तेरा में प्यार जो करता हूँ..
ना भूल सकता हूँ पर याद करने की कोई वजह नहीं...!!







इस मोहब्बत का पूरी उम्र मलाल रहेगा..
तुमसे ही क्यू हुवा था हमेशा यही सवाल रहेगा...!!




तेरी बेवफाई की सजा शायरी 


तेरी बेवफाई की सजा तुझे इस कदर देंगे..
मोहब्बत भी तुझसे करेंगे और तुम्हे भी कबूल नहीं करेंगे...!!







अगर हो इजाजत तो तुमसे एक बात पूछ लू..
वो जो इश्क़ हमसे सीखा था वो अब किस से करते हो...!!


आज भी इतना प्यार करता हु याद शायरी 


ओये में तुझे आज भी इतना प्यार करता हु जितना कोई नहीं करेगा..
लेकिन अब तू वापस मत आना..
क्यू की अब नफरत भी इतनी करता हु जितनी कोई नहीं करेगा...!!







बुराई के इस दौर में सुधरना जरुरी..
कुछ ख्वाब है मेरे जिनका मरना जरुरी है...!!


मेरी मोहब्बत शायरी 


इतना तो जानता हूँ की तुम्हे भी याद तो आती होगी..
इतनी आसानी तुम मुझे भूल जावो..
मेरी मोहब्बत इतनी भी कमजोर नहीं थी...!!







मेरे दोस्त बोलते है भाई जो तू स्टेटस बनाता है न..
दिल तोड़ कर रख देता है..
मैंने कहा जिसके लिए बनाता हूँ वो मुझे तोड़ गई...!!




इतने करीब क्यू आये शायरी 



अब चाहती हो भूल जाव तुम्हें..
फिर मेरे इतने करीब आये क्यू...!!





जब मेरी ज़िंदगी में सबकुछ अच्छा चलने लगता हैं..
कोई तेरा ज़िक्र करके मेरा रुटीन बिगाड़ देता हैं ..

में एक अरसा लगा देता हूँ तेरी याद से निकलने में..
कोई सेकंड में उठा के डाल देता है उसी दलदल में...!!



माँ बाप सही कहते थे याद शायरी 

अपने हाथों से अपनी मय्यत सजा ली हमने
इश्क़ करने की सजा पा ली हमने..
माँ बाप सही कहते थे दूर रहो उससे
करीब रह कर कौनसी वफ़ा पा ली हमने...!!


पता है जब मेरा दिल दुखता है ना..
तो में ये सोच कर खामोश हो जाता हु..
की वक़्त के पास मेरे से अच्छा जवाब होगा...!!


रिश्तों की कदर याद शायरी 


कभी कभी किसी रिश्ते को इसलिए भी छोड़ देना चाहिए..
क्यू की आपकी लाख कोसिसों के बाद भी..
आपकी उस रिश्ते में कभी कदर नहीं होगी...!!



जख्म इतना गहरा दिया है सेड शायरी 

जख्म इतना गहरा दिया और मौत भी नसीब नहीं हुई..
मेरे यार सा इस जहा में कोई कातिल नहीं होगा...!!






सबकुछ कितना बदल गया है ना..
पहले मुझे तुम छुपकर देखा करती थी..
अब देख कर छुप जाती हो...!!




आँखों के सवाल सेड शायरी 

मेरी आखें भी मुझसे सवाल करने लगी है..
क्या है..
उस शक्श में ऐसा जिसकी तुम मुझे रोज भीगा देते हो...!!



एक ही तकिये पर सर रख कर सोते थे हम दोनों..
इतने करीब आ कर भी इश्क़ मेरा काबिल नहीं हुआ...!!


एकतरफा इश्क़ भी तुम्हारा हूँ सेड शायरी 

तू किसी नदिया का शाहिल में तुझे प्यार से सहलाती एक नदियाँ की धारा हूँ..
हा माना की हम दोनों एक तो नहीं हो सकते मगर हा में एकतरफा इश्क़ भी तुम्हारा हूँ...!!

एक तरफ कहते हो प्यार है तुमसे तो दूसरी तरफ ऐतबार भी नहीं है..
हर रिश्ते की नींव होती है भरोशा क्या तुमको इतना मालूम नहीं है...!!


तेरी थोड़ी सी बेरुखी ने याद शायरी 

भीगी नहीं थी कभी मेरी आंखें वक़्त की मार से..
देख तेरी थोड़ी सी बेरुखी ने इन्हे जे भर कर रुला दिया...!!



चाहत फ़िक्र सादगी और वफ़ा बुरी आदत है..
 जनाब..
ज़िंदगी का तमाशा बना देती है...!!



तुम्हारे साथ जो गुजरी याद शायरी 

न खुशियों की कमी थी न गम की मौजूदगी थी..
तुम्हारे साथ जो गुजरी बस वही तो जिंदगी थी...!!



इश्क़ के गुनाहों का याद शायरी 

कैसे करूँ मुकदमा उसके इश्क़ के गुनाहों का..
कमबख्त ये दिल भी उसी का वकील निकला...!!



उसके पास वक़्त नहीं है याद शायरी 

ऐसा नहीं है की उसके पास वक़्त नहीं है ..
वो हमें वक़त दे हम उस तरह उसकी ज़िंदगी में शामिल नहीं...!!


उसने फोन पर कहा की अब वो कभी मेरा चेहरा नहीं देखना चाहते..
मोहब्बत निभाते हुए मैंने फ़ौरन WhatsApp से अपनी Dp हटा दी...!!



खुदा की कसम याद शायरी 

अगर तेरे बिना जीना आसान होता तो..खुदा की कसम..तुझे याद करना भी गुनाह समझते...!!

रो रहा था एक लड़का और कह रहा था यारों से..ये बुजूर्गो की पगड़ियां..न जाने कितनी मोहब्बत खा गई दिलदारों के...!!


रोएगी तो मोहब्बत ही याद शायरी 

बस यही सोचकर छोड़ दी..जिद हमने मोहब्बत की..अश्क तेरे बहे या मेरे रोएगी तो मोहब्बत ही...!!


 वक़्त का क्या भरोसा याद शायरी 

मुद्दते तो हजार गुजरी मगर तुम मुझ में नही गुजरे..
वक़्त का क्या भरोसा अब शायद मैं ही गुजर जाऊँ...!!


सज्दे हर बार किये‌ सिर्फ तेरी चाहतों के..
अब कुबूल हो न हो मुकद्दर की बात है...!!


 तेरे भी अधुरे अरमान याद शायरी 

मेरे शब्दों को गहराई से समझने वाले..
लगता है कि तेरे भी अधुरे अरमान बहुत है...!!



महसूस हो जाये जो बहुत अंदर तक..
वो मोहब्बत फिर जाते जाते भी नहीं जाती...!!

तेरी वफा की डिग्री फर्जी तेरी याद में शायरी 

मुझसे मोहब्बत का दिखावा ना किया कर..
मुझे मालूम है तेरी वफा की डिग्री फर्जी है...!!


मुझे सजा-ए-मोहब्बत दी सेड शायरी 

ना तूफ़ान ने दस्तक दी और ना पत्थर ने चोट दी
वक्त तकदीर से मिला और मुझे सजा-ए-मोहब्बत दी…!!


तेरी याद को पसन्द आ गई है मेरी आँखों की नमी..
हँसना भी चाहूँ तो रूला देती है तेरी कमी...!!

खुश होता जमाना याद शायरी 

कठपुतली के दर्द को भला किसने जाना है..
डोर नचाती है खुश होता जमाना है...!!


ज़िन्दगी से हम याद शायरी 

बदला वफ़ा का देंगे बड़ी सादगी से हम..
तुम हमसे रूठ जाओगे और ज़िन्दगी से हम...!!
भींगी आँखे उस की यादें तन्हाई और अकेली रात..
इतने सारे दुश्मन हो तो चैन की नींद कहाँ से आएगी...!!



जो हासिल नहीं याद शायरी 


जो हासिल नहीं होती कीमती हर वो शय होती है..
मिल जाए आसानी से वो कहा किसी को पसंद होती है...!!



मिटाये वह जाते हैं तेरी याद शायरी 

चाहूँ तो भी न मिट पाएगा उस का नाम दिल से क्योंकि..
मिटाये वह जाते हैं जो ग़लती से लिखे जाते हैं...!!



इश्क़, इमां, फर्ज, जुनूँ, वफादारी..
जिंदगी की जरूरतों पे भारी है..
हम किसी से गिला शिकवा करें क्या..
खुद से खुद ही की जंग जारी है...!!

गूँजेंंगे तेरे ज़हन यादें बनकर शायरी 

मूँह चाहे बन्द कर या ज़ुबाँ काट दे..
गूँजेंंगे तेरे ज़हन में चीख़ों की तरह हम...!!

एक मस्त नजर ने छेड़ा है अब दर्द जिगर का क्या होगा..
जो जख्म बना हो मरहम से उस जख्म का मरहम क्या होगा...!!



उलझे हुए हैं आपकी यादों शायरी 

उलझे हुए हैं अपनी उलझनों मे आज कल..
आप ये न समझना के अब वो लगाव नहीं रहा...!!




ज़ख्म अक्सर हाथ मिलाने वाले शायरी 
मिलो किसी से तो कुछ फासले हो दरमियां..
ज़ख्म अक्सर हाथ मिलाने वाले दिया करते है...!!


चाहत में गुम याद शायरी 
वो सचमुच ढूंढ लाएंगे मुझे..
इसी चाहत में गुम हो गया मै...!!

मुझे भी शामिल करो गुनहगारों की महफ़िल मे..
मैं भी क़ातिल हू मैंने भी अपनी ख्वाहिशों को मारा है...!!


आइनें में खड़ा वो शख्स तेरी याद शायरी 

पानी से भरी आँखे लेकर वो मुझे घूरता ही रहा..
आइनें में खड़ा वो शख्स परेशान बहुत था...!!



उसको मुझसे वो था ही नहीं..
जो मैं उससे बेइंतहां कर बैठा...!!





तुम चाहो तो बदल लो अपनी राहें इजाज़त है तुम्हें जानें की..
वो सफ़र भी तुम्हारा था यें तन्हाई की मंजिल भी तुम्हारी है...!!


वो मेरा न हुआ तेरी याद में शायरी 

धागा भी दरख़्त पर बांध कर देखा..
सुख गया दरख़्त, मगर वो मेरा न हुआ...!!



तुम ढूंढोगे मुझको यादें शायरी 

तुम ढूंढोगे मुझको और मिल नहीं पाओगे..

मैं चांद के पीछे की बस्ती का अंधेरा हूं...!!

दिल से नाज़ुक नही दुनिया में कोई चीज साहब..

लफ्ज़ का वार भी खंजर की तरह लगता है...!!

मुझ जैसी किस्मत माँगते है शायरी 

अपनी तकलीफों को भुला खुश रहने की आदत है मेरी..
और लोग दुआओं में मुझ जैसी किस्मत माँगते है...!!

उदास ना रहा कर याद में शायरी 

उदास ना रहा कर तेरी मुस्कान अच्छी लगती है..
दिदार तो फिर दिदार है तेरी याद भी अच्छी लगती है...!!


दिल को फांसी दे याद शायरी 

गुनाह यार ए मोहब्बत हुआ है मुझसे..
गुजारिश है कोई मेरे दिल को फांसी दे दो...!!


धडकनें लगे दिल के तारों की दुनिया जो तुम मुस्कुरा दो..
सँवर जाये हम बेकरारों की दुनिया जो तुम मुस्कुरा दो...!!

तेरी यादों की कोई सरहद शायरी 

तेरी यादों की कोई सरहद होती तो अच्छा था..
खबर तो होती सफर कितना तय करना है...!!


खूबसूरत लगी होगी वो दुल्हन-लिबास याद शायरी 

किस कदर खूबसूरत लगी होगी वो दुल्हन-लिबास..
क्या बीती होगी दिल पर उसके उस वक्त जब..
बिछडे  महबूब ने रिवाज ए मुँह दिखाई करी होगी...!!

मेरी हर शाम अधूरी तेरी याद में शायरी 

सौ दिये जले तेरे याद मे देख फिर भी..
मेरी हर शाम अधूरी है तेरे बिना...!!


कब्रों मे नहीं हमको किताबों मे उतारो..
हम लोग मोहब्बत की कहानी मे मरें हैं...!!

कांटा हर गुलाब मे है शायरी 

कोई घूघंट कोई मुखौटा कोई नकाब मे है..
सच कहूं तो यहाँ कांटा हर गुलाब मे है...!!



मगर याद बहुत आते हैं शायरी 

ऐसे हालात थे की छूट गये उनका साथ..
मगर याद बहुत आते हैं वो चूडी खनकाने वाले हाथ...!!



वक्त बदला नजर बदली बदल गये अहसास..

बदल गये वो लोग भी जो थे कभी बेहद खास...!!



तन्हाईयो का पूरा शहर शायरी 

उसके दिल मे थोडी सी जगह माँगी थी मुसाफिर की तरह..
उसने तो तन्हाईयो का पूरा शहर ही मेरे ऩाम कर दिया...!!


 कैसे भुलाया हमें तुमने शायरी 

हम ना भुला पा रहे वो पल जो तेरे साथ बिताए हमने..
हुनर वो सिखा दो हमें भी कैसे भुलाया हमें तुमने...!!


तुम्हारे करीब बहुत शायरी 

तुमसे फासला रखना ही बेहतर था..
क्योंकि तुम्हारे करीब बहुत से लोग थे...!!



जागना भी कुबूल है तेरी यादों में रात भर..
तेरे एहसासो में जो सुकून है वो नींद में कहां...!!


मेरी आस टूट जाये तेरी याद में शायरी 


तेरे वादों पर कहां तक मेरा दिल फरेब खाये..
कोई ऐसा कर बहाना मेरी आस टूट जाये...!!


फिर याद कोई चोट पुरानी शायरी 

आज फिर नींद को आंखों से बिछड़ते देखा..
आज फिर याद कोई चोट पुरानी आई...!!


अभी तो जान बाकी है शायरी 
किसने कह दिया तुमसे मुहब्बत की बाजी हार गए हम..
लगाओ इक दांव फिर प्यारे अभी तो जान बाकी है...!!

सबको उस रजिस्टर पर हाजिरी लगानी है..
मौत वाले दफ़्तर में छुट्टियाँ नहीं होंती....!!

तेरी याद शायरी 

खूबसूरत सा वो पल था..
पर क्या करें वो कल था...!!

जहां की गलियां उदास लगें शायरी 

निशानी कया बताऊं तुम्हें अपने घर की..
जहां की गलियां उदास लगें चले आना वहीं...!!

काजल की पहरेदारी में कुछ तो कमी होगी..
दबे पांव सपने उनके यूं ही नहीं चले आते...!!



अपना क़सूर ढूंढते रहे याद शायरी 

तोड़ा कुछ इस तरहाँ से ताल्लुक उसने..
कि मुद्दतों हम अपना क़सूर ढूंढते रहे..!!

जिंदगी कुछ दूर तलक शायरी 

लौटीं हैं दिल की धड़कनें ख्वाब में तेरे आने से..
जिंदगी कुछ दूर तलक और चलेगी इसी बहाने से...!!


साहिल पर बैठकर याद में रोया होगा शायरी 


ए सागर इतना नमक तुझमें किसने संजोया होगा..
कोई तो है जो साहिल पर बैठकर सदियों तक रोया होगा...!!

ये कफन ये जनाजे ये कब्र सिर्फ बातें हैं जनाब..
वरना मर तो इंसा तभी जाता है जब याद करने वाला कोई नहीं...!!



तेरे नाम की सिफारिश शायरी 

मेरी गजल को तलाश थी किसी वारिस की..
रात दिल ने तेरे नाम की सिफारिश कर दी...!!

अफसोस तेरी आँख शायरी 

पत्थर समझ कर पाँव से ठोकर लगा दी..
अफसोस तेरी आँख ने परखा नहीं मुझे..
क्या क्या उमीदें बांध कर आया था सामने..
उसने तो आँख भर के भी देखा नहीं मुझे...!!

भ्र्म वाली शायरी 
टूटा हूं पर जुड़ा होने का भरम रखता हूं..
सूखा हुआ पत्ता हूं हरा होने का भरम रखता हूं...!!


उस एक लम्हे में तेरी याद शायरी 

उस एक लम्हे में जी आये हम तमाम जिंदगी..
खुद को छोड़ दिया तुझ में और खुद में तुझ को ले आये...!!

देख कर चेहरा मेरा याद शायरी 

देख कर चेहरा मेरा ना पालिये गलतफहमियाँ..
बहुत घुटता हुँ मैं लबों पर जब हसीं होती है...!!


मगर एहसास रह गया शायरी 

तकलीफ़ मिट गई मगर एहसास रह गया..
ख़ुश हूँ कि कुछ न कुछ तो मिरे पास रह गया...!!


मुझसे उसे कोसों दूर रखना ए ख़ुदा..
यूं बार बार उस बेवफ़ा का सामना मुझसे नहीं हो पायेगा...!!



साँसों से लिपट जाते यादें शायरी 

हाय वो लोग जिन्हे हमने भुला रखा है..
याद आते हैं तो साँसों से लिपट जाते हैं...!!

हां बाकी सब दिखावा है याद शायरी 

मैं हंसती हुं रोती हूं जब तुम्हारे साथ में होती हुं..
दुनिया के सामने एक झुठी हंसी लिए हूए हुं मैं..
हकिकत सिर्फ वो पल है जो तेरे साथ गुजारती हुं मैं..
हां बाकी सब दिखावा है सबको बहलाती हुं मैं...!! 



आप दुनिया से अलग शायरी 

नजर अंदाज करने की वजह क्या हैं अब बता भी दो..
मैं वही हूं जिसे आप दुनिया से अलग बताते थे...!!

जो हैरान है मेरे सब्र पर उनसे कह दो..
जो आंसू जमीं पर नहीं गिरते दिल चीर जाते हैं...!!

गुमनाम ही रहे शायरी 

जब हमदम ही हाल ए दिल से अंजान हो..
फिर तो हम गुमनाम ही रहे तो अच्छा है...!!


बसने वालों की यादें शायरी 

कभी कभी जंग लाज़मी होती है अपने ही दिल से..
क्योंकि दिल मे बसने वालों की यादें जीना दुश्वार कर देती है...!!


लोहार की बेटी शायरी 


एक ही बार में तोड़ दिया दिल..
कहीं तुम लोहार की बेटी तो नहीं थी...!!

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