Romantic Shayri In Hindi Hindi shayri world

मेहबूबा की अपने मेहबूब  के लिए रोमांटिक शायरी   दोस्तों आज आपके लिए रोमांटिक शायरी जो एक मेहबूब के लिए मेहबूबा ने दिल से लिखी कुछ खाश पल की शायरी वाली बातें जो शायरी के जरिये आप तक पहुंचा रहा हु मजा लीजिये सावन के मौसम मै और अपनी मेहबूबा को और मेहबूब को सुनाइये और अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये।





romantic-shayari-hindi
Add caption
this picture uploaded by yourquote.in my blog 



सुनो जान
कभी दिल कभी धड़कन कभी नज़रें कभी लब..
हर चीज मुस्कुराने लग जाती है मेरे शहर मे तेरे आने की खबर से

***************************************************



सूनो जान
ना ख्वाहिश है जिदंगी मेंसब कुछ पाने कीबस एक तमन्ना है..
दिल की तेरे संग ज़िंदगी का एक लम्हा बिताने की...!!!

**************************************************


सुनो जान 
तु लगता है मुझे प्यारा नाराज़ होकर भी..
जैसे चाँद रूठे तो भी इश्कियाना लगता है...!!!

*************************************************



उफफ़फ़फ़ ज़ाना

मेरा रेशा-रेशा मुझमें तेरे होने की गवाही देता है..
क्या कम है य़े कि मुझे हर जगह बस तू ही दिखाई देता है...!!!


**************************************************************



सुनो जान 
मुझे तो तुमसे नाराज होना भी नहीँ आता
न जाने तुम से कितनी मोहब्बत कर बैठी हूँ मै...!!!

*****************************************



सुनो जान
तुम कुछ न कुछ हमसे बोलते रहा करो..
चुप रहते हो तो लोगो को सुनाई देने लगता है...!!!

*********************************************





सुनो सजन
लत तो तुम्हारे commente की लगी है.. 
पोस्ट करना तो एक बहाना है...!!!

***********************************************



सुनो जान 
मेरे हाथ महकते रहे आज तमाम दिन..
कल ख्वाब में तुम्हारे बालों मे उंगलीया जो फेरी मैने...!!!

***********************************************



सुनो जान 
कुछ पल का ही सही तेरा साथ चाहती हूँ.. 
जो मेरे दिल में हैं तेरे दिल में वही जज़्बात चाहती हुं...!!!

********************************************



उस फूलनुमा शख्श पर शायरी क्या लिख डाली..
बैठ गयी सारी तितलियाँ मेरी पोस्ट पर आकर...!!!

*******************************************




******************************************


एक अलग सी मिसाल होगी ये fb के जमाने में..
सिर्फ तेरा ही नाम ढूंढेंगे सब, मेरे हर फ़साने में...!!!

********************************************


सुनो जान 
गर्मी के महीनो में️ झगड़ा मत करना..
मिलन का मौसम है कोई लफड़ा मत करना...!!!

******************************************


सुनो जान
मुझे पता है दुनिया मुठ्ठी में नहीं आ सकती..
हाँ मगर तुम चाहो तो बाहों में आ सकती है...!!!

******************************************


सुनो जान 
हर लफ्ज़ को तुझसे जोड़कर..
शायरी कर लूँ वो वजह हो तुम...!!!

******************************************



सुनो सनम
तुम आओगे जब मिलने पायल चुडी बिंदिया, काजलसब लगे यूँ ही रहने दुंगी..
खींच के ज़ुल्फ़ों को बांधुंगी इक लट गाल पर रहने दुंगी...!!!

***********************************************



सुन ओये 
तेरी चाहत मेरी आँखों में है तेरी खुशबू मेरी सांसो में है..
मेरे दिल को जो घायल कर जाए ऐसी अदा सिर्फ तेरी बातो में है...!!!

******************************************


सुनो जान 
चुस्कियां चाय की आजकल जरा बहकी सी है..
गर्म मेरे मिज़ाज सी और नशा तेरे होंठो सा है...!!!


************************************************************



सुनो जान 
मेरे माथे की गोल लाल चांद सी बिन्दी को
तुने अपने होठो से लगा लिया.. 
तो कसम से ऐसा लगा जैसे तुने उस चांद को भी जला दिया
सितारो को भी चमकना भुला दिया...!!!

******************************************



इश्शशशश..
इश्क़ की पाबंदियाँ बेकार हो कर रह गईं..
हम तसव्वुर में उनके होंठ चुम कर आ गए...!!!


****************************************************


सुनो जानू 
उसकी कत्थई आंखें मेरी स्याह सी
वो लम्बा मै छोटी सी न जाने क्यूं..
मग़र आजकल ऐसा हो रहा है
जब भी आईने से मिलती हूँ आहें भरती हूँ..
काश मेरी आँखें भी कत्थई होती
काश मै भी थोडी सी लम्बी होती ..
मुझे पता है मैं छोटी इसलिए हूँ
ताकि जब वो मुझे सीने से लगाये..
तो मेरे कानों मेंउसकी धड़कन गूंज सके
मुझे पता है उसकी आंखे कत्थई बस 
इसीलिये है ताकि मैं उनमे खो सकूं...!!!

***********************************************



सुनो जान 

मेरे बदन पे तेरी छुअन के निशान बाकी है..
मेरे बालों पे तेरी उंगलियों के निशान बाकी है

मेरे कांधे पे तेरे नाखून के निशान बाकी है..
मेरे पैरों पे तेरे कदमों के निशान बाकी है

मेरे गालों पे तेरे होठों के निशान बाकी है..
तेरे मिलने के अब भी कुछ निशान बाकी है
उस आईसक्रीम स्टॉल पर हमारे पिघलने के निशान बाकी है...!!!

***********************************************


खूबसूरत सुबह  ज़िन्दगी की धीमी आंच में..
कड़वी पत्ती चाय सी कड़वी और कडक थी मैं
फिर तुम आये चीनी जैसे घुलते गए मुजे में...!!!

***************************************









सुन ओये
इक राज़ की बात बताती हुं महक आती है अब तक उसमे से..
तेरी मैरून शर्ट को छु कर निकला था वो कही
उफ्फ वो मेरा कुर्ता मैने अब तक धोया ही नही...!!!

********************************************



मेरी रूह में तेरी मदहोशी के निशान बाकी है..
तेरे मिलने के अब भी कुछ निशान बाकी है...!!!

***************************************




सुनो स्वीटू..
इस बारिश में लगाके गले से तुझे लव यू बोल दुं...!!!


**********************************************


एक रस्म है मोहब्बत जो दिल ने सजाया है..
मेरे शृंगार मे तु प्रेम रस बरसाया है...!!!


**********************************************




मै ठहरी मनमौजी बन्दी  On the road दिया पीठ पे मार प्रिये..
तु ठहरा शर्मिला बन्दा पलट कर भी न देखा जा बैठा in the car प्रिये...!!!

************************************************




इश्क़ हैं बारिश से..
बह जाऊँ तो बाँहो में थाम लेना...!!!

**********************************




सुनो जान
मेरे होते हुए भी कीसी और का ख्याल तुम्हारे जहन 
मे आये तो तुफान सा उठ जाता है धडकनो मे..
सैलाब उमड पडता है आंखो मे लगता है जैसे
हम तेरे दिल मे इतनी जगह बना न पाये...!!!

******************************************





सुनो जान
कभी अपने चेहरे को गौर से देखना आइने मे..
इश्क में तुम भी मेरे जैसे हो गए...!!!

********************************************




मैं एवरेस्ट का शिखर नहीं जो तुम मुझे फतह कर जाओगे..
मैं प्रशांत की गहराई हूँ जो उतरोगे तो पाओगे...!!!

*********************************************




सुनो जान
तुम्हीं को अपने हाथ से लिखना है मुक़द्दर मेरा..
जो तुम लिखते हो, मुझको किताब होना है...!!!

**************************************


सुनो जानू 
तुम्हारे सीने से सिर अब नहीं हटाएंगे..
यही वो जगह है जहाँ मेरा हिसाब होना है...!!!



******************************************************




महसुस करो हमें खुद में..
तेरी सांसो में रहते हैं हम...!!!

*************************************




सुनो मोहतरमा
तुम्हे देखकर मेरी आँखे DSLR हो जाती हैं..
Clear सिर्फ तुम दिखती हो..बाकी सब Blur हो जाता हैं...!!!


****************************************



है मुझे यही वो दिन था तेरे कदमों की आहट से गुल खिल गए..
तेरे मिलने से जिन्दगी हसीं हो गई...!!!

**********************************************



सुनो मोहतरमा
समझ में आया गर्मी क्यूँ थी ज़मीं के पुर्ज़े पुर्ज़े से..
धूप का दिल भी धड़क रहा था तेरे नीले कुर्ते से...!!! 


***************************************************



सुनो जानू 
हम तो तेरी चाय पर ही फिदा हो गए थे..
खामखां तुमने इज़हार किया...!!!

******************************************


सुनो जानू 
कोई मकान अच्छा नहीं लगता तेरे शहर में..
लेकिन जिसमें तुम खड़ी थी वो बालकोनी अच्छी लगीं...!!!

****************************************



सुनो मोहतरमा
इसी जन्म में ये कुसूर करना है..
तुझे "जरा सा" मशहूर करना है...!!!

********************************



चाय की चुस्की में भी इक रश्क़ है साक़ी..
हर घुंट तुझे पाने की उम्मीद जगा देती है...!!!

*****************************************




उफ्फ
एक कप चाय..
दो लबों के निशान...!!!

***************************************



सुनो मोहतरमा...
चल ले चलूँ तूझे नींदों में संग अपने..
ख्वाब में बैठेंगे फिर चाँद तले...!!!

***************************************


सुनो जानू 
चाय बहुत "मीठी" लग रही है "पता" नहीं चल रहा है..
मिठास "शक्कर" की है या तेरी "smile " की...!!!

*****************************************





सुनो मोहतरमा
आसमान चाहे जिसका हो..
तेरा चाँद सा चेहरा मेरा ही रहेगा...!!!


***************************************



दो तीन हाई-हील्स होने के बावजूद वो मुझसे मिलने 
बिना हील्स की sandel पहन कर आयी..
शायद उसे ज़रा सा भी पसंद न था उसके माथे की 
बिन्दी का मेरे होंठों से ऊपर जाना...!!!


*************************************


सुनो जानू 
गुम हो जाने का इरादा हैं..
थाम के हाथों में हाथ तेरा...!!!

**************************************

रहता है कौन इनमें ये मालूम करके देख..
कत्थई आँखों को या मेरी ज़रा ज़ूम करके देख...!!!

*********************************************



कहती ह उसकी बाँहो मे ही आऊँगी..
इस नींद के भी नखरे हज़ार है ऐ दिल है मुश्किल...!!!


*****************************************




कभी यूँ भी हो चाय हाथ मे लिए..
हम तेरे घर की बालकोनी में बैठे हों...!!!


*******************************************



बेताब सा फिरता जा रहा है मेरा ये दिल..
बेचारे ने फिर उसको आज नारंगी साड़ी में देख लिया है...!!!

********************************************




सुनो जानू 
होठों से लगा कर पी जाऊं..
सर से पांव तलक चाय हो तुम...!!!

*********************************************




देखो न तुम भी..
तुम्हारी यादों ने मुझे "चायवाला" बना दिया...!!!



*******************************************



साँसे ना रुक जाए किसी रोज मोहतरमा..
होंठो से ऐसे हमे छुआ ना कीजिये...!!!

************************************



फिर सुबह हुई फिर चाय बनी..
फिर दिल ने कहा बस तेरी कमी...!!!

**************************************



मेरी सुबह की खूबसूरत "चाय" भी..
सिर्फ खूबसूरत दिल पर असर करती है...!!!


*************************************



मेरे गाँव की मिट्टी लगी है पैरों में..
उसके शहर के रास्ते खुशी से पागल है...!!!

****************************************




सुनो मोहतरमा
जिन्दगी का #स्वाद बढ़ा जाती हो..
सुबह सुबह जब तुम चाय के साथ बिस्कुट खिला जाती हो...!!!

*************************************************





सुनो...
तेरे बाहों में बैठकर चाय पीने की तमन्ना है..
तो बोलो मंजूर है मेरा इश्क...!!!

********************************************




साथ भीगें बारिश में अब यह मुमकिन नहीं..
चलो भीगतें हैं यादों में तुम कहीं, हम कहीं...!!!

***************************************

उड़ते उड़ते पहुंच गया जब मन तुम्हारे पास..
पूरा कभी फिर न लौटा तब मन हमारे पास...!!!


*************************************

इनकार करते थे वो हमारी मोहबत से..
और हमारी ही तसवीर उनकी किताब से निकली...!!!


******************************************




तुम्हारे मेरे बीच कभी कुछ भी आखिरी नहीं होगा..
सिवाय आखिरी सांस के...!!!

****************************************

ये तुम जो हर बात दिल पे लगाते हो ना..
कभी हमें भी लगाओ तो कुछ बात बने...!!!

***************************************



मैं मिला दूँ चाय में इश्क थोड़ा..
तुम पीकर मेरी हो जाओगी क्या...!!!


**********************************************



आज एक हसीन ख्वाब देखा है मैंने..
सुबह की चाय पर खुद को आपके साथ देखा है मैने...!!!

*******************************************


मत अकेले में मुठ्ठी भींचा कर..
मेरी हथेली पर अब भी दबाव पड़ता है...!!!


*********************************************



आँखों पर लिखूं कि लबों पर लिखूंबड़े लाजवाब हो तुम या.. 
हुस्न पर लिखूं कि सबाब पर लिखूंशायरी की किताब हो तुम...!!!


*************************************************

सुना है उस के लबों से गुलाब जलते हैं..
सो हम बहार पे इल्ज़ाम धर के देखते हैं...!!!


********************************************




जुबान को कोई और काम दे दो..
आँखे बेहतर बोल लेती है तुम्हारी...!!!



***************************************


                     धन्यवाद 

Post a Comment

0 Comments