Best Sad Shayri In Hindi July 2019

महबूब के बिछड़ने के गम मैं एक मेहबूबा के लिए कुछ दिल के अरमान    वाली शायरी एक बेवफा के लिए एक आशिक़ के दिल को बयां करने वाली दिल की कुछ खाश बातें जो बिछड़ने पर आशिक़ गुनगुनाता रहता है दोस्तों पढ़िए और अनपे दोस्तों के साथ शेयर कीजिये और मेरे ब्लॉग को फॉलो कीजिये धन्यवाद। 







जो दर्द आशिकी का नज़रें बताने लगती..
 बनके तमाशा कोई फिर रहता ज़िन्दगी में...!!!


हम ना बदलेंगे वक्त की रफतार के साथ..
हम जब भी मिलेंगे अंदाज पुराना होगा...!!!


 चंदन सा हो ज़मीर तो..
सांपो का लिपटना तो लाज़मी है...!!!



इकलौती "ख़्वाहिश" थी कि ज़िन्दगी रंग-बिरंगी हो..
और दस्तूर देखिए जितने मिले "गिरगिट" ही मिले...!!!



बहुत मोहब्बत करती थी वो मेरी मुस्कुराहट से..
इसलिए जाते जाते उसे भी साथ ले गयी...!!!




उड़ जायेंगे तस्वीरों से रंगो की तरह हम..
वक़्त की टहनी पर हैं परिंदो की तरह हम...!!!



तुमसे सौदा हुआथा लम्हों का तुमने तो मेरी सदियां.. 
ही उदास कर डाली नींद से कहो अब हमसे सुलह कर ले...!!!





वो दौर चला गया..
जिसके लिए हम जागा करते थे...!!!




वो दिन जो गुजरे तेरे साथ.. 
काश जिन्दगी उतनी ही होती...!!!


उदास शामे उदास ज़िन्दगी उदास वक़्त उदास मौसम..
कितनो पे इल्जाम लगा दिया एक तेरे बात न करने से...!!!



तुम मेरी जिंदगी का वो एकलौता सच हो..
जिसके बारे में मैंने हर शख्स से झूठ कहा है...!!!




उसमें 'मैं, मैं 'बहुत थी..
मगर अफसोस 'मैं' नहीं था...!!!


रातें सिर्फ सर्दियों में ही लंबी नहीं होती..
किसी को शक है तो इश्क कर के देख ले...!!!




उठ गए दोनो ही घरों से जनाजे..
सूना है एक "खत" पकड़ा गया था...!!!



क्या खूब मजबूरी है गमले में लगे पेडों की..
हरा भी रहना है और बढना भी नही...!!!



हम कहाँ जाए जज्बात का शीशा लेकर..
लफ्ज़ का पत्थर तो यहां हर शख्स चला लेता है...!!!



बादशाह थे हम भी अपने मिजाज के..
तेरे दीदार की लत ने गलियो का फकीर बना दिया...!!!



तुम तक पहुँचने का रास्ता पा लीया..
मगर तुम तक जाने की वजह खो दी...!!!



ख़ामोशी थी बस तेरे मेरे दरमियाँ..
पर तेरे अहम ने इन्हें सरहद बना दिया...!!!


कुछ लम्हे गुजारे तुमने हमारे साथ..
तुम उन्हें वक्त कहते हो और हम उन्हें जिंदगी कहते हैं...!!!!


हम एक बार की गई मोहब्बत दोबारा नहीं करते...!!!  



कोई इल्जाम रह गया हो तो वो भी दे दो..
पहले भी हम बुरे थे, अब थोड़े और सही...!!!



तेरी आंँखो के लीये इतनी सज़ा काफी है..
आज की रात मुझे ख़्वाब में रोता हुआ देख...!!!



मैं, उदास लोगों को 'हंसा' देता हूं..
मुझ से "अपने" जैसे लोग देखे नहीं जाते...!!!


हार तो रहा हूँ मैं आज अदब से तुझसे..
बेअदब हो गया तो खैर सोचना अपनी...!!!



मोहब्बत बसा कर तूने मेरी साँसों में..
साँस-साँस का मुझे मोहताज कर दिया...!!!


बहुत बताई तेरी मजबूरियां इसे..
ये ज़िद्दी दिल तेरी यादो को अलविदा नही कहता...!!!


रात से कह दो की आहिस्ता गुजरे..
कोई आया है ख्वाबों में एक मुद्दत के बाद...!!!



किरदार में मेरे भले ही अदाकारियां नही हैं..
ख़ुद्दारी है गुरुर है पर मक्कारियां नही हैं...!!!



हम लिखते हैं वो पढ़ते हैं.. 
यही रह गया है बस ताल्लुक उनसे...!!!


है दफ़न मुझमे कितनी रौनके मत पूछ
ऐ दोस्त….
हर बार उजड़ के भी बस्ता रहा वो शहर हूँ मैं...!!!



जिनसे बे-तहाशा मोहब्बत हो उनसे..
नाराज़गी का ताल्लुक भी बहुत गहरा होता है...!!!



लम्बी थी उम्र मोहब्बत की बर्बाद हुए होते होते..
कुछ रात कटी पीते पीते कुछ रात कटी रोते रोते...!!!



 बनाने वाले तेरी कारीगरी भी अब पहले सी न रही..
तू हर शख्स को इन्सांन बनाता क्यों नहीं...!!!



नहीं चाहिये वो जो मेरी किस्मत में नहीं..
भीख़ माँगकर जीना मेरी फ़ितरत में नहीं...!!!




चाइनीज़ मोहब्बत थी साहब टूट कर बिखर गई..
पर दिल हिन्दुतानी था एक ओर पटा लिया...!!!




वो ख़त जो तुम्हें भेजने की हिम्मत ना हुयी..
हर रोज़ उसे पढ़ कर सोचते हैं तुम पढ़ती तो क्या सोचती...!!!



इस बार उसने अपने खत के आखिर में..
अपनी मेहंदी का निशान भेजा हैं...!!!


लाखो दिल टूटे होंगे इस बात पर..
तुम्हारी जात अलग है मेरे घर वाले नहीं मानेंगे...!!!



तू बना कॆ ताबीज गलॆ मॆं बांध लॆ मुझॆ..
मैं हर बला सॆ महफूज रखूंगा तुझॆ...!!!


तुम्हारे ये तीखे नैन उन नयनों से झांकती हया और मैं..
यार तुम ऐसे शरमाया मत करो मेरा कलेजा निकल जाता है...!!!



तुम्हारा दीदार और वो भी आँखों में आँखें डालकर..
ये कशिश कलम से बयाँ करना भी मेरे बस की बात नही...!!!



रूप देके मुझे उसमे किसी शहज़ादे का..
अपने बच्चों को कहानी वो सुनाती होगी...!!!


एक डोर सी है तेरे मेरे दरमियां जो बनती है..
उलझती है सुलझती है मगर टूटती नहीं....!!


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